पंजाबी समाज की एकजुटता और संस्कृति के संरक्षण पर मंथन, नई कार्यकारिणी को सौंपी जिम्मेदारियां

पंजाबी समाज की एकजुटता और संस्कृति के संरक्षण पर मंथन, नई कार्यकारिणी को सौंपी जिम्मेदारियां

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

होटल रॉयल पैलेस में उत्तरांचल पंजाबी महासभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष पंकज बांगा ने की, जबकि संचालन मनोज वाधवा ने किया। बैठक में पंजाबी समाज की संस्कृति और रीति-रिवाजों के संरक्षण के साथ सामाजिक बुराइयों को दूर करने और समाज में एकजुटता बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश डाबर ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज की पहचान को बनाए रखने के लिए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना होगा।

कुमाऊं मंडल अध्यक्ष हरीश जलहोतरा और जिला अध्यक्ष पंकज बांगा ने कहा कि ऊधम सिंह नगर में पंजाबी समाज को एकजुट करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को साथ लेकर सामाजिक उत्थान की दिशा में कार्य किया जाएगा और पंजाबी महासभा देश व प्रदेश के विकास में अपना योगदान देता रहेगा।

बैठक के दौरान उत्तरांचल पंजाबी महासभा की नवनियुक्त कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर अनिल बत्रा, प्रदेश संगठन मंत्री राजेश छाबड़ा, कुमाऊं सोशल मीडिया प्रभारी सुनील ग्रोवर, कुमाऊं संगठन मंत्री विजय अरोड़ा और कुमाऊं महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सोनिया सुनेजा को दी गई।

इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष के पद पर सुमित गुंबर, नगर अध्यक्ष जतिन ग्रोवर, महामंत्री हरीश बत्रा और कोषाध्यक्ष अतुल अरोड़ा को जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनियुक्त पदाधिकारियों से संगठन को मजबूत करने और समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ने की अपेक्षा जताई गई।

महिला पंजाबी सभा की कार्यकारिणी में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आरती डाबर को दी गई। पूजा बत्रा को महामंत्री और दीप्ति ग्रोवर को कोषाध्यक्ष बनाया गया। महिला पदाधिकारियों ने भी समाज की महिलाओं को संगठन से जोड़ने और सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में दर्जा राज्यमंत्री रंजीत सिंह नामधारी सहित बड़ी संख्या में पंजाबी समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इस दौरान समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने संगठन के माध्यम से समाजहित में लगातार कार्य करने की बात कही।

बैठक के अंत में पंजाबी समाज की एकजुटता बनाए रखने, सांस्कृतिक विरासत और रीति-रिवाजों के संरक्षण तथा सामाजिक उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हुए संगठन को और मजबूत किया जाएगा।