
स्थान : हल्द्वानी
ब्योरो रिपोर्ट


रानीबाग स्थित चित्राशिला धाम में स्थापित शनि मंदिर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। बीते दिनों पहाड़ी आर्मी ने मंदिर प्रबंधन पर मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की थी।


कई दिनों की चुप्पी के बाद अब मंदिर प्रबंधन भी सामने आया है और मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखा है। प्रबंधन ने पहाड़ी आर्मी की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मंदिर की भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है।




मंदिर प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पिछले करीब 20 वर्षों से मंदिर परिसर में लगातार विकास और सुविधा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। प्रबंधन का कहना है कि इन कार्यों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

प्रबंधन ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। उसका कहना है कि प्रशासन जब चाहे मंदिर परिसर में पहुंचकर वहां की गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जांच कर सकता है।


वहीं, पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत का आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, जिनकी जांच किया जाना जरूरी है। उन्होंने मंदिर की छत पर बाथरूम बनाए जाने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने छत पर बाथरूम बनाए जाने समेत पहाड़ी आर्मी की ओर से लगाए गए अन्य आरोपों को भी पूरी तरह गलत बताया है। प्रबंधन का कहना है कि मंदिर की ओर से किसी भी नियम का उल्लंघन या अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है।



मामला अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। पहाड़ी आर्मी की ओर से कुमाऊं कमिश्नर और नैनीताल जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत रखते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

फिलहाल चित्राशिला धाम के शनि मंदिर को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मंदिर परिसर में वास्तविक स्थिति क्या है।

