
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को लेकर शहर के विभिन्न विद्यालयों में उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में हल्द्वानी के आकृति पब्लिक स्कूल में भी जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।


जन्माष्टमी उत्सव के दौरान विद्यालय परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। बच्चों ने गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी मौजूद रहे।




इस बार के जन्माष्टमी कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पहली बार बच्चों के साथ उनके परिजनों को भी डांस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का अवसर दिया गया। अभिभावकों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर डांस किया।


बच्चों और अभिभावकों की संयुक्त प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। मंच पर अभिभावकों को नृत्य करते देख बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर तालियों और उत्साह से गूंजता रहा।



विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि आकृति पब्लिक स्कूल में हर वर्ष विभिन्न त्योहारों और राष्ट्रीय पर्वों के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना है।

प्रधानाचार्य ने कहा कि इस बार जन्माष्टमी के मौके पर कार्यक्रम में एक नया प्रयोग किया गया और बच्चों के साथ उनके परिजनों को भी डांस प्रतियोगिता में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की भागीदारी से बच्चों का उत्साह बढ़ा और सभी ने कार्यक्रम का खूब आनंद लिया।




कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने भी विद्यालय के इस प्रयास की सराहना की। उनका कहना था कि स्कूल में हर वर्ष अलग-अलग अवसरों पर कुछ न कुछ रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन इस बार परिजनों को भी बच्चों के साथ प्रतिभाग करने का मौका देना अपने आप में सराहनीय पहल है।


अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों और उनके माता-पिता के बीच जुड़ाव मजबूत होता है। साथ ही बच्चों को मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का आत्मविश्वास भी मिलता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जन्माष्टमी उत्सव के समापन पर विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों ने मिलकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को यादगार बनाया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि जब विद्यालय के आयोजनों में परिवार की भागीदारी होती है तो बच्चों का उत्साह और आयोजन की खुशी कई गुना बढ़ जाती है।

