रामनगर में कोसी नदी उफान पर, 47 हजार क्यूसेक के पार पहुंचा जलस्तर

रामनगर में कोसी नदी उफान पर, 47 हजार क्यूसेक के पार पहुंचा जलस्तर

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

पहाड़ों में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। पहाड़ों में बारिश के बाद रामनगर की कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। देर रात नदी में पानी का बहाव 47 हजार क्यूसेक से भी अधिक पहुंच गया, जिसे इस बरसात का अब तक का सबसे अधिक जलस्तर बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह कोसी नदी का जलस्तर करीब 19 हजार क्यूसेक था। इसके बाद पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हुई बारिश के चलते कुछ ही घंटों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता चला गया। देर रात तक पानी का बहाव 47 हजार क्यूसेक के पार पहुंचने से कोसी नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और मैदानी क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई।

अचानक बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। नदी के जलस्तर और बहाव की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों की टीमें संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्क हैं और अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।

हालांकि बुधवार सुबह नदी का जलस्तर देर रात की तुलना में कुछ कम हुआ है। सुबह कोसी नदी में करीब 25 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था। इससे कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

इसी बीच बुधवार सुबह से एक बार फिर पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। ऐसे में कोसी नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। पहाड़ों में होने वाली बारिश का पानी तेजी से नदी में पहुंचने के कारण मैदानी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ सकता है।

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर 20 हजार क्यूसेक से ऊपर पहुंचने के बाद मैदानी क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से अल्मोड़ा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अल्मोड़ा की ओर से कोसी नदी में अतिरिक्त पानी आने की संभावना रहती है, जिसके चलते रामनगर और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

फिलहाल सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में कोसी नदी के तेज बहाव के नजदीक नहीं जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम और नदी के जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने तथा अनावश्यक रूप से नदी किनारे न जाने की सलाह दी है।