
स्थान – सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट


लगातार हो रही बारिश के बीच बिजटी-माझोला मार्ग पर पुल की एप्रोच सड़क धंसने से हड़कंप मच गया। सड़क पर गहरे क्रैक आने के साथ ही पुल के एक हिस्से की एप्रोच तेजी से नीचे खिसक गई। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने एहतियात के तौर पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। फिलहाल छोटे वाहनों को भी सावधानी के साथ निकाला जा रहा है।


स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि नदी में दोबारा तेज पानी का बहाव आता है तो एप्रोच मार्ग में कटान बढ़ सकता है। इससे सड़क के पूरी तरह बहने का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है।



पहली ही बारिश में सड़क और पुल की एप्रोच की स्थिति खराब होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, मिट्टी के भराव की कॉम्पैक्टिंग और रिटेनिंग वॉल के निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि स्थिति की वास्तविक वजह सामने आ सके।

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि निर्माण में मानकों की अनदेखी सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल क्षेत्र की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में इसकी मजबूती और सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।



वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से क्षेत्र के परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने लगा है। मार्ग से जुड़े लोगों को आशंका है कि यदि बारिश जारी रही और एप्रोच की स्थिति और बिगड़ी तो आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। ऐसे में स्थायी समाधान की जरूरत जताई जा रही है।

मामले को लेकर उपजिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी ने बताया कि लगातार बारिश के चलते बिजटी रोड धंस गई है, जिसके कारण एहतियातन आवाजाही बंद की गई है। संबंधित विभाग की ओर से तत्काल मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही मार्ग को सुचारू कर दिया जाएगा।


इधर, मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से मीडिया ने निर्माण की गुणवत्ता और सड़क धंसने के कारणों को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया। विभागीय अधिकारी की ओर से मामले पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दिए जाने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल और गहरा गए हैं।

अब सवाल यह है कि बारिश के दौरान कराई जा रही तत्काल मरम्मत कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या विभाग सड़क धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराएगा। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह देखने वाली बात होगी।

