अतिवृष्टि को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन, 2 सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

अतिवृष्टि को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन, 2 सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी

जनपद में लगातार हो रही अतिवृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने आपात बैठक कर जिले की स्थिति की समीक्षा की और सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा।

जिलाधिकारी ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए 2 सितंबर 2026 को जनपद के सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का यह फैसला छात्र-छात्राओं और छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

डीएम ने ऐसे सभी निर्माण कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए, जहां भू-कटाव या खुदाई का काम चल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

जिलाधिकारी ने जिले के संवेदनशील और प्रमुख मार्गों पर जेसीबी मशीनों को तैयार रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मलबा आने या सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल मशीनों को मौके पर भेजकर मार्ग को सुचारु कराया जाए।

बैठक में डीएम ने आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी न होने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी घटना की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों को देने को कहा।

स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया, ताकि आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि अतिवृष्टि के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क बंद होने, भू-कटाव, भूस्खलन और अन्य आपदा की स्थिति से निपटने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की प्राथमिकता बारिश के दौरान जनहानि को रोकना और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिले के सभी उपजिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। प्रशासन ने सभी अधिकारियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए पूरी गंभीरता और तत्परता से काम करने के निर्देश दिए हैं।