
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में जनगणना का काम अब से शुरू हो गया है। पहले चरण में राज्य के उन दूरस्थ और दुर्गम इलाकों को शामिल किया गया है, जहां सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण आवागमन प्रभावित हो जाता है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ के कुल 131 गांवों में जनगणना का कार्य शुरू किया गया है।


जनगणना विभाग की ओर से इन क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को भेजा जा रहा है। जनगणना निदेशक ईवा आशीष ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में जनगणना का काम आज से शुरू कर दिया गया है और सभी संबंधित जनगणना अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।


उन्होंने बताया कि इन इलाकों में सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी होती है। बर्फबारी शुरू होने के बाद कई गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए मौसम खराब होने और बर्फबारी शुरू होने से पहले ही इन क्षेत्रों में जनगणना का काम पूरा करने की तैयारी की गई है।


पहले चरण में केवल ग्रामीण क्षेत्रों को ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी शामिल किया गया है। जनगणना प्रक्रिया के तहत गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में भी पहले जनगणना का कार्य किया जा रहा है।


उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री, रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ और चमोली जिले के बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में समय रहते जनगणना का काम पूरा करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
जनगणना अधिकारियों को दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार काम करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क और पैदल मार्ग की स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के कारण अधिकारियों को अतिरिक्त तैयारी के साथ रवाना किया गया है।


जनगणना निदेशक ईवा आशीष के मुताबिक, संबंधित अधिकारी निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचकर जनगणना का काम शुरू कर रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि मौसम की चुनौती से पहले सभी चिन्हित क्षेत्रों में प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए।

चार जिलों के 131 गांवों में जनगणना शुरू होने के साथ ही प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है। दूरस्थ क्षेत्रों में पहले काम शुरू करने के बाद आगे अन्य क्षेत्रों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
फिलहाल प्रशासन और जनगणना विभाग का पूरा ध्यान उन इलाकों पर है, जहां आने वाले दिनों में बर्फबारी के कारण संपर्क प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, मौसम की चुनौती को देखते हुए पहले इन संवेदनशील क्षेत्रों में जनगणना पूरी करना प्राथमिकता है।

