
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


खटीमा गोलीकांड की बरसी पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया। इस दौरान शहीदों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उनके योगदान को उत्तराखंड राज्य निर्माण की नींव बताया गया।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने अलग राज्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया और उनके बलिदान को प्रदेश कभी भुला नहीं सकता।



सीएम धामी ने कहा कि 1 सितंबर का खटीमा गोलीकांड, 2 सितंबर का मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर का रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड के इतिहास के ऐसे काले अध्याय हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड बनाने का संकल्प दोहराया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में सरकार ने शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। अब उनकी पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह की गई है।



इसके साथ ही सात दिन जेल जाने वाले या घायल राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन 6 हजार से बढ़ाकर 7 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। वहीं अन्य राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन को 4 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रतिमाह किया गया है।
सरकार ने पूर्ण रूप से शय्याग्रस्त दिव्यांग राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की है। उनकी पेंशन 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने के साथ ही देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था किए जाने का भी फैसला लिया गया है।



वहीं खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने भी शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि वह पिछले साढ़े चार वर्षों से 253 लंबित मामलों को राज्य आंदोलनकारी घोषित किए जाने की मांग लगातार उठाते आ रहे हैं।

विधायक कापड़ी ने सवाल उठाया कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद अब तक इन 253 लोगों के मामलों पर सुनवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पात्र आंदोलनकारियों को उनका हक मिलना चाहिए और लंबित मामलों पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।
खटीमा गोलीकांड की बरसी पर जहां मुख्यमंत्री ने शहीद आंदोलनकारियों के सम्मान और पेंशन बढ़ोतरी को सरकार की प्राथमिकता बताया, वहीं विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने लंबित 253 मामलों को लेकर सवाल खड़े किए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद विधायक कापड़ी कार्यक्रम से चले गए।

