
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट


लक्सर विकासखंड के मुंडाखेड़ा कला गांव से सरकारी योजना और सड़क निर्माण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के विकास के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण मुंडाखेड़ा कला में होने के बजाय दूसरी ग्राम पंचायत में करा दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं।


ग्रामीणों के अनुसार, मुंडाखेड़ा कला गांव में सड़क निर्माण के लिए करीब 49 लाख 20 हजार रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी। योजना का उद्देश्य गांव में सड़क सुविधा को बेहतर बनाना और ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित स्थान पर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया।



मामले में खास बात यह है कि इसका खुलासा किसी विभागीय जांच के दौरान नहीं हुआ, बल्कि सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से मिली जानकारी से हुआ। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों और जानकारी के आधार पर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की योजना और उसके वास्तविक स्थल को लेकर सवाल उठाए हैं।

आरटीआई से जानकारी सामने आने के बाद शिकायतकर्ता संदीप समेत गांव के अन्य ग्रामीणों ने मामले को अधिकारियों के सामने उठाया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी हरिद्वार से लेकर विकासखंड स्तर के अधिकारियों तक शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।



ग्रामीणों का कहना है कि जिस गांव के विकास के लिए सरकारी धनराशि स्वीकृत की गई थी, यदि उसके बजाय किसी दूसरे गांव में सड़क का निर्माण हुआ है तो इसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अभिलेखों, योजना की स्वीकृति, कार्यस्थल और निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।

इस पूरे मामले ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि आरटीआई के जरिए जानकारी सामने नहीं आती तो शायद उन्हें यह पता ही नहीं चलता कि उनके गांव के नाम पर स्वीकृत सड़क योजना का निर्माण किसी अन्य स्थान पर कराया गया है।



सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 49 लाख 20 हजार रुपये की योजना का लाभ जिस गांव के लिए निर्धारित था, वह सड़क दूसरी ग्राम पंचायत में कैसे पहुंच गई। क्या योजना का स्थान बदला गया था या फिर निर्माण कार्य में किसी स्तर पर अनियमितता हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुंडाखेड़ा कला में स्वीकृत सड़क योजना का लाभ वास्तविक रूप से गांव के लोगों तक पहुंचाने की मांग की है।
फिलहाल शिकायत के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की उम्मीद है। अब देखना होगा कि जांच में सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और 49.20 लाख रुपये की योजना का लाभ निर्धारित गांव के बजाय दूसरी ग्राम पंचायत तक पहुंचने के आरोपों पर जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

