जटाशंकर महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा, 25 लाख रुपये की राशि मंजूर

जटाशंकर महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा, 25 लाख रुपये की राशि मंजूर

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

खानपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक जटाशंकर महादेव मंदिर को अब पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी की ओर से आयोजित रुद्राभिषेक और भंडारा कार्यक्रम में प्रदेश के धर्म, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।

कार्यक्रम में सतपाल महाराज ने जटाशंकर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए उन्होंने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

मंत्री ने कहा कि जटाशंकर महादेव मंदिर का संबंध महाभारत काल से जुड़ा हुआ है और यह क्षेत्र आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मंदिर को विकसित किए जाने से श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ने की उम्मीद है।

सतपाल महाराज ने मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की बात कही। इस राशि से मंदिर परिसर में आवश्यक विकास और सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाने की योजना है।

मंत्री ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने से स्थानीय क्षेत्र को भी लाभ मिलता है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

वहीं, खानपुर और लक्सर क्षेत्र में हर साल सामने आने वाली बाढ़ की समस्या का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठा। क्षेत्र में बाढ़ के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए सोलानी और गंगा नदी के तटबंधों के निर्माण एवं मरम्मत की आवश्यकता पर चर्चा की गई।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने तटबंधों के निर्माण और मरम्मत को लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के खतरे से ग्रामीण क्षेत्रों को राहत दिलाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी ने जिला पंचायत निधि से कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का ब्यौरा मंत्री के सामने रखा। उन्होंने खानपुर क्षेत्र में विकास से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों और स्थानीय समस्याओं से भी मंत्री को अवगत कराया।

जटाशंकर महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और 25 लाख रुपये की घोषणा के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है। हालांकि अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मंदिर के विकास, जीर्णोद्धार और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी घोषणाएं धरातल पर कितनी तेजी से लागू होती हैं।