
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा दौरे के दौरान स्थानीय उत्पादों और छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए सादगी भरा संदेश दिया। मुख्यमंत्री मेलाघाट रोड पर पैदल चलते हुए स्थानीय लोगों और दुकानदारों से मिले। इस दौरान उन्होंने मिलन डेयरी में चाय पी और स्थानीय कारोबारियों से आत्मीय संवाद किया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहन देना नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।



इसके बाद मुख्यमंत्री ने सनातन धर्मशाला परिसर में आयोजित युवा समकालिक संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में 18 विद्यालयों के 360 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे और निर्भीक अंदाज में संवाद करते हुए उनके सवाल सुने और विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।


युवा संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि रिश्वतखोरी या किसी तरह के अनुचित दबाव की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1064 और संबंधित मोबाइल ऐप की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है।



सीमांत क्षेत्रों के विकास पर जोर देते हुए सीएम धामी ने कहा कि सीमांत जिले देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि पहले गांव हैं। सरकार इन क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर पलायन को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक करीब 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और भर्ती प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।



पर्यटन क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, हवाई सेवाओं और होमस्टे सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या अब 7 से 8 करोड़ से अधिक पहुंच गई है।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य में विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार का प्रयास है कि आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो, साथ ही उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय संपदा का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शासनी, एडीएम कौस्तुभ मिश्रा, एसडीएम खटीमा तुषार सैनी, तहसीलदार खटीमा वीरेंद्र सजवान सहित प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

