
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


नगर पालिका सभागार में पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी की अध्यक्षता में शरद उत्सव के आयोजन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के संस्कृति प्रेमियों, बुद्धिजीवियों, विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मसूरी होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। सभी से शरद उत्सव के आयोजन को लेकर रायशुमारी की गई।


बैठक में मौजूद लोगों ने मसूरी की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा शरद उत्सव के आयोजन को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की। वक्ताओं ने लंबे समय से उत्सव का आयोजन नहीं होने पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि शहर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस आयोजन को दोबारा शुरू किया जाना बेहद जरूरी है।



बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मसूरी की पुरानी परंपरा शरद उत्सव का आयोजन किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय और उभरती प्रतिभाओं को मंच मिलेगा। उन्हें अपनी कला और प्रतिभा को प्रदेश, देश और विदेश तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

बैठक में तय किया गया कि जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी शरद उत्सव के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी और उत्सव के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट नगर पालिका को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका की ओर से आयोजन को अंतिम रूप दिया जाएगा।



शरद उत्सव में शहर के स्कूलों को भी शामिल करने की योजना बनाई गई है। नगर पालिका की ओर से विभिन्न विद्यालयों को अपनी प्रतिभाओं के साथ उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय सांस्कृतिक दलों और कलाकारों को भी मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि लंबे समय से शहरवासी मसूरी में शरद उत्सव दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर पालिका सभासदों और शहर के विभिन्न बुद्धिजीवियों, संस्कृति प्रेमियों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई, जिसमें सभी ने सर्वसम्मति से उत्सव आयोजित करने पर सहमति जताई।



मीरा सकलानी ने बताया कि वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद शरद उत्सव का आयोजन बंद हो गया था। अब शहर के बुद्धिजीवी और संस्कृति प्रेमी चाहते हैं कि मसूरी की इस पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को फिर से जीवित किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की ओर से आयोजित होने वाले उत्सव में शहर के लोगों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।


उन्होंने कहा कि पूर्व में शासन-प्रशासन की ओर से विंटर कार्निवल का आयोजन किया जाता था, लेकिन उसमें शहर के लोगों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रहती थी। अब नगर पालिका के माध्यम से शरद उत्सव आयोजित कर शहर के स्कूलों, सांस्कृतिक दलों और स्थानीय कलाकारों को सीधे इसमें जोड़ा जाएगा।
फिल्म अभिनेता एवं संस्कृतिकर्मी प्रदीप भंडारी ने शरद उत्सव के आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और उभरती प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि मसूरी में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक मंचों से कई कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई है। इनमें स्वर कोकिला मीना राणा, जागर सम्राट एवं पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, संजय कुमोला और जितेंद्र पंवार जैसे कलाकार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शरद उत्सव से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान मिलेगी।

