उत्तराखंड में भारी बारिश से सड़कें प्रभावित, 2200 से ज्यादा मार्ग बंद; 2100 से अधिक खोले गए

उत्तराखंड में भारी बारिश से सड़कें प्रभावित, 2200 से ज्यादा मार्ग बंद; 2100 से अधिक खोले गए

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच प्रदेश के लगभग सभी जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हो रही हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

बारिश के कारण प्रदेशभर में अब तक करीब 2200 सड़कें बंद होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 2100 से अधिक सड़कों को दोबारा खोल दिया गया है। संबंधित विभागों की टीमें लगातार बंद मार्गों को सुचारू करने में जुटी हुई हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से संवेदनशील मार्गों और भूस्खलन संभावित स्थानों पर जेसीबी मशीनों की तैनाती की गई है। इन मशीनों की मदद से सड़कों पर जमा मलबा, बोल्डर और पत्थरों को हटाकर यातायात बहाल करने का काम किया जा रहा है।

आपदा सचिव ने प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि विभाग लगातार सभी जिलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जिन स्थानों पर बारिश के कारण सड़कें बंद हो रही हैं, वहां संबंधित एजेंसियों को तत्काल मार्ग खोलने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

बारिश के चलते मसूरी और नैनीताल जाने वाले मार्ग भी बाधित हुए थे। हालांकि जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर दोनों मार्गों पर यातायात को फिर से सुचारू कर दिया गया है। इससे इन प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को राहत मिली है।

अधिकारी के मुताबिक, मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बंद होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके।

आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें प्रदेशभर में स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं। प्रशासन की ओर से मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बारिश के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी यदि किसी मार्ग पर मलबा या पत्थर गिरने से यातायात बाधित होता है तो वहां जेसीबी मशीनों के माध्यम से तत्काल सड़क खोलने का प्रयास किया जाएगा। संवेदनशील मार्गों पर विशेष निगरानी भी रखी जा रही है।

फिलहाल प्रदेश में मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित विभाग अलर्ट पर हैं। बड़ी संख्या में बंद सड़कों को दोबारा खोलने के बाद अब प्रशासन का फोकस शेष बाधित मार्गों को जल्द सुचारू करने और बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने पर है।