
स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट


भाजपा अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके बयानों को लेकर विरोध जताया।


प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार देश की जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।


भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के साथ-साथ जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना भी है, लेकिन कांग्रेस लगातार ऐसे मुद्दों को तूल दे रही है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।


पुतला दहन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथित भ्रामक राजनीति अब जनता के सामने उजागर हो चुकी है और लोग उसके राजनीतिक तौर-तरीकों को समझने लगे हैं।


भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि देश की जनता विकास और स्थिरता चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता तथ्यात्मक मुद्दों के बजाय राजनीतिक बयानबाजी के जरिए माहौल को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि आगामी चुनावों में जनता कांग्रेस की कथित भ्रामक राजनीति का जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है।



भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की नीति के साथ देशहित में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।

मोर्चा पदाधिकारियों ने राहुल गांधी से अपील की कि वे तथ्यहीन बयानबाजी से बचें और देश के विकास तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारी के साथ लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया और कांग्रेस की नीतियों के विरोध में अपना आक्रोश जताया।

