बारिश और मलबे से गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग बाधित, घंटों थमी रही वाहनों की रफ्तार

बारिश और मलबे से गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग बाधित, घंटों थमी रही वाहनों की रफ्तार

स्थान : बागेश्वर
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश अब लोगों की मुश्किलें बढ़ाने लगी है। बारिश के चलते गरुड़ से बागेश्वर मुख्यालय को जोड़ने वाला गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग एक बार फिर मलबे की चपेट में आ गया। रवाईखाल के आसपास अचानक सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया।

बताया जा रहा है कि सुबह के समय गरुड़ से बागेश्वर की ओर जा रहे यात्रियों को अचानक सड़क पर मलबा आने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।

मलबा आने के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित रही। मार्ग से गुजर रहे यात्रियों और स्थानीय लोगों में भी बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा आने को लेकर चिंता देखने को मिली।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बरसात के दौरान इस मार्ग पर मलबा आने की समस्या लगातार बनी हुई है। बारिश तेज होने पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा सड़क पर आने के कारण कई बार यातायात बाधित हो जाता है।

दरअसल, गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग पर इन दिनों चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए पहाड़ की कटिंग किए जाने के कारण बरसात के दौरान मार्ग के कई हिस्से संवेदनशील हो गए हैं।

बारिश के दौरान पहाड़ की कटिंग वाले हिस्सों से मलबा खिसककर सड़क पर पहुंच रहा है। इसके चलते यात्रियों को लगातार जोखिम के बीच सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान बरसात में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की आवश्यकता जताई है।

मार्ग बाधित होने की सूचना प्रशासन को मिलने के बाद सड़क खोलने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासनिक आदेश के बाद संबंधित टीम ने मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया।

मार्ग खुलने के बाद सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हुई और यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, बारिश जारी रहने के कारण लोगों को अभी भी सावधानी के साथ इस मार्ग से आवाजाही करने की जरूरत है।

लगातार बारिश और सड़क चौड़ीकरण के बीच गरुड़-बागेश्वर मोटर मार्ग पर मलबा आने की घटनाएं चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन और निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बरसात के दौरान मार्ग को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखा जाए, ताकि यात्रियों को बार-बार जाम और परेशानी का सामना न करना पड़े।