मौलाना के बयान पर गरमाई सियासत, धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

मौलाना के बयान पर गरमाई सियासत, धामी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

मौलाना की ओर से सरकार की कार्रवाई को लेकर दिए गए बयान के बाद उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौलाना के बयान पर पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की कथित चाल बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई से कुछ लोग बौखलाए हुए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मौलाना ने जिस प्रकार का बयान दिया है, वह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को भाजपा सरकार की ओर से कथित तौर पर जिहादी गतिविधियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से परेशानी हो रही है और इसी बौखलाहट में अनाप-शनाप बयानबाजी की जा रही है।

धामी ने कहा कि सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना है और जो भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कार्रवाई को लेकर किसी को आपत्ति है तो वह संवैधानिक और कानूनी तरीके से अपनी बात रख सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव या बयानबाजी के कारण सरकार अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगी।

वहीं, सांसद अजय भट्ट ने भी मौलाना के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी की धमकी से भाजपा सरकार पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रही है और किसी भी प्रकार की धमकी से कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता।

अजय भट्ट ने कहा कि जिन मदरसों में जांच के दौरान जिहादी शिक्षा या गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसी बात सामने आती है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी।

सांसद ने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान या मदरसे में यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित तथ्यों की जांच कर कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

मौलाना के बयान के बाद मुख्यमंत्री और सांसद की प्रतिक्रिया से यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने जहां सरकार की कार्रवाई को सही ठहराया है, वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष और अन्य संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

फिलहाल मौलाना के बयान और मदरसों को लेकर सरकार की कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड में सियासत तेज है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय भट्ट ने अपने बयानों में स्पष्ट किया है कि सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई जारी रखेगी और किसी भी प्रकार के दबाव या धमकी के आगे झुकने का सवाल नहीं है।