स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्य, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, खेल विभाग के मुख्य सचिव अमित सिन्हा सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत फिलहाल आठ पाठ्यक्रमों के साथ की गई है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और ताइक्वांडो सहित करीब आठ खेलों को शामिल किया गया है। इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों और कोचों को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें खेल की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने की व्यवस्था की जा रही है।



खेल विभाग के मुख्य सचिव अमित सिन्हा ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान में आठ पाठ्यक्रमों के साथ शुरुआत की गई है। भविष्य में यहां सभी आवश्यक खेल पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की महत्वपूर्ण पहल है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों के साथ अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षण और प्रोत्साहन का अवसर मिलेगा।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय के शुरू होने से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर अवसर और नया मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, जिससे युवा खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य मजबूत कर सकें।


इस अवसर पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान मौजूद खिलाड़ियों और युवाओं में खासा उत्साह नजर आया।




खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि खेल विश्वविद्यालय शुरू करने की मुहिम कई वर्षों से चल रही थी, जो अब सफल हुई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय खुलने के बाद उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अपने राज्य में ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ी आने वाले समय में देश के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और इससे राज्य की खेल पहचान मजबूत होगी। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही उचित प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

शनिवार को विश्वविद्यालय में करीब 145 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और आठ पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में अन्य खेलों से जुड़े पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। खेल विश्वविद्यालय के विस्तार के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और खेल क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

