सरपुड़ा-बघा मार्ग पर 17 वर्षीय बालक पर जंगली जानवर का हमला

सरपुड़ा-बघा मार्ग पर 17 वर्षीय बालक पर जंगली जानवर का हमला

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

सरपुड़ा-बघा मार्ग पर 17 वर्षीय बालक पर जंगली जानवर के हमले की सूचना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना बघा-56 से सुरई-47 की फायर लाइन के पास की बताई जा रही है। घायल बालक को उपचार के लिए नागरिक चिकित्सालय खटीमा लाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया।

जानकारी के अनुसार 28 अगस्त को वन विभाग को दूरभाष के माध्यम से बालक पर जंगली जानवर के हमले की सूचना मिली। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हुई और घायल बालक को नागरिक चिकित्सालय खटीमा पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया।

वन विभाग ने घायल बालक के साथ वन दरोगा राजूदास को सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा। विभाग की ओर से बालक के उपचार में हरसंभव सहयोग किए जाने की बात कही गई है। घटना के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।

इसके बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। हालांकि, घटनास्थल पर घनी घास होने के कारण किसी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिल सके। इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बालक पर किस जंगली जानवर ने हमला किया।

घटना की जानकारी के बाद आसपास के गांवों में भी भय का माहौल है। वन विभाग की टीम ने ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के साथ बातचीत कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। ग्रामीणों से जंगल से उचित दूरी बनाए रखने और अनावश्यक रूप से जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की गई है।

वन विभाग ने लोगों से विशेष रूप से रात के समय सावधानी बरतने को कहा है। ग्रामीणों को घरों के बाहर पर्याप्त रोशनी रखने और अकेले बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी गई है। बच्चों को भी जंगल से सटे इलाकों में अकेले न भेजने की अपील की गई है।

घटना के बाद वनकर्मियों को दैनिक और रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास कैमरा ट्रैप लगाने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांव में मुनादी कराने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी के माध्यम से घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया और तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। घायल बालक को अस्पताल पहुंचाने के साथ उसके उपचार में वन विभाग की ओर से सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरपुड़ा-बघा-54 मार्ग पर तारबाड़ और फेंसिंग का कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

फिलहाल वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है। कैमरा ट्रैप और गश्त के माध्यम से जंगली जानवर की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि बालक पर हमला किस जंगली जानवर ने किया। घटना के बाद ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।