बाघ का 17 वर्षीय किशोर पर हमला, गंभीर घायल

बाघ का 17 वर्षीय किशोर पर हमला, गंभीर घायल

चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बचाई जान, हायर सेंटर रेफर

स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट

बग्गा-54 से सरपुड़ा जा रहे 17 वर्षीय किशोर पर जंगल के पास घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। बाघ के हमले में किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में बाघ की मौजूदगी को लेकर भय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार बग्गा-54 निवासी 17 वर्षीय ईश्वर पुत्र खुशहाल सिंह किसी काम से सरपुड़ा की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि जंगल के समीप पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक किशोर पर झपट्टा मार दिया। हमले से घबराए किशोर ने शोर मचाते हुए मदद के लिए चीख-पुकार शुरू कर दी।

किशोर की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचने और शोर मचाने पर बाघ किशोर को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने घायल ईश्वर को तत्काल मौके से बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

बाघ के हमले में किशोर के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे खटीमा स्थित उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई। विभाग की ओर से ग्रामीणों को जंगल के आसपास अकेले न जाने और विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

घटना के बाद बग्गा-54 और सरपुड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के आसपास बाघ की सक्रियता लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। लोगों को अपने दैनिक कामकाज के लिए भी इस मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे वन्यजीवों के हमले का खतरा बना रहता है।

वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। विभाग की ओर से बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की बात कही गई है। इसके साथ ही वन विभाग की टीम द्वारा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने की योजना बनाई जा रही है।

वहीं, ग्रामीणों ने बग्गा-सरपुड़ा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में ऊंची तारबाड़ लगाई जाए, ताकि जंगली जानवरों की आवाजाही को रोका जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक क्षेत्र में बाघ की सक्रियता पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक किसी और अप्रिय घटना की आशंका बनी रहेगी। किशोर पर हुए हमले के बाद ग्रामीणों ने जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग दोहराई है।