बोर्ड लगने के चार साल बाद भी नहीं मिली उप जिला चिकित्सालय की सुविधाएं: यूकेडी

बोर्ड लगने के चार साल बाद भी नहीं मिली उप जिला चिकित्सालय की सुविधाएं: यूकेडी

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के जिला अध्यक्ष चंपावत राजू भैया ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब चार वर्ष पहले अस्पताल को उप जिला चिकित्सालय घोषित किए जाने के बावजूद आज भी मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी ही सुविधाएं मिल रही हैं।

यूकेडी जिला अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में उप जिला चिकित्सालय का बोर्ड तो लगा दिया गया, लेकिन धरातल पर व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अस्पताल में जगह की भारी कमी के कारण मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी उपचार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं मिलती और उन्हें खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आईसीयू की सुविधा मौजूद होने के बावजूद उसका संचालन नहीं हो रहा है। कोरोना काल में स्थापित किया गया ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी कई वर्षों से उपयोग में नहीं आ रहा है। इसके अलावा वर्षों पहले बनाए गए ट्रामा सेंटर का भी जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन व्यवस्थाओं के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

राजू भैया ने कहा कि अस्पताल को कम से कम 50 बेड का उप जिला चिकित्सालय बनाया जाना था, लेकिन सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ढीली कार्यप्रणाली के चलते यह व्यवस्था अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी। इसका सबसे अधिक खामियाजा लोहाघाट सहित दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के प्रयासों से अस्पताल में नए ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कराया गया है, जिसके लिए वह जिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हैं। हालांकि, ऑपरेशन थिएटर का निर्माण होने के बावजूद अभी तक आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में नई सुविधा का भी मरीजों को तत्काल लाभ नहीं मिल पा रहा है।

यूकेडी जिला अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी मुख्य समस्या नहीं है, बल्कि संसाधनों और पर्याप्त जगह का भारी अभाव है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध मानव संसाधन के बावजूद आवश्यक सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार एक ओर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, जबकि धरातल पर स्थिति अलग नजर आ रही है।

राजू भैया ने कहा कि लोहाघाट की जनता को उप जिला चिकित्सालय केवल कागजों और अस्पताल के बोर्ड पर नहीं चाहिए, बल्कि इसका लाभ धरातल पर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सरकार के प्रतिनिधियों की चुप्पी भी चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित कर जल्द से जल्द अस्पताल में उप जिला चिकित्सालय के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

वहीं, लोहाघाट विकास संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष राजकिशोर शाह ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जगह और सुविधाओं की कमी के कारण आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चार से पांच वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर चल रही हैं।

राजकिशोर शाह ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से लोहाघाट की जनता को जल्द से जल्द उप जिला चिकित्सालय के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल के लिए नया भवन मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर के अस्पतालों का रुख न करना पड़े, इसके लिए लोहाघाट अस्पताल को सभी आवश्यक संसाधनों से लैस करना बेहद जरूरी है।