गोरापड़ाव डकैती का खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार, 1.40 लाख की नकदी व हथियार बरामद

गोरापड़ाव डकैती का खुलासा, दो और आरोपी गिरफ्तार, 1.40 लाख की नकदी व हथियार बरामद

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के गोरापड़ाव में 19 अगस्त को हुई हथियारबंद डकैती की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से कुल 1 लाख 40 हजार रुपये, दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त वरना कार बरामद की है।

जानकारी के अनुसार 19 अगस्त को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि गोरापड़ाव क्षेत्र में 10 से 12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया और कोतवाली हल्द्वानी से पुलिस बल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मामले में वादी नारायण दास पुत्र रोशन लाल, निवासी अंबा बिहार तीनपानी, हल्द्वानी ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार करीब 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने Kiy शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय/गैराज में डकैती डालकर करीब 8 लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और अंगूठी समेत अन्य सामान लूट लिया था।

तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मु0 एफआईआर नंबर 284/2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत 10 अज्ञात बंदूकधारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया।

डकैती के शीघ्र खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत विभिन्न थाना प्रभारी, एसओजी, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया।

घटनास्थल की गहन जांच के लिए बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की मदद ली गई। एसएसपी नैनीताल ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ की और पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलीजेंस की मदद से आरोपियों की पहचान शुरू की। इससे पहले पुलिस ने यश सिडाना, वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू, रखवीर सिंह, अमनदीप सिंह, शिवराज सिंह और अफजल मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भी लगातार दबिश दे रही थीं।

इसी क्रम में पुलिस टीम ने 27 अगस्त को तकनीकी साक्ष्यों और मैनुअल इंटेलीजेंस के आधार पर हल्द्वानी-पंतनगर एयरपोर्ट के पीछे से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहब सिंह उर्फ साबी, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम गज्जीपुर, थाना मिलक खानम, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश और गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम नूरपुर, थाना स्वार, जिला रामपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गोरापड़ाव में हुई डकैती की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी साहब सिंह के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस, लूटी गई रकम में से 89,700 रुपये और घटना में प्रयुक्त वरना कार बरामद की गई। वहीं, गुरवन्त सिंह के कब्जे से एक 315 बोर तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 50,300 रुपये बरामद हुए।

दोनों आरोपियों से कुल 1.40 लाख रुपये की लूटी गई नकदी, दो तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अब डकैती में शामिल अन्य आरोपियों और लूटे गए शेष सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी साहब सिंह का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ नानकमत्ता, केलाखेड़ा, दिनेशपुर और रामनगर थानों में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट के मामले भी शामिल हैं। वहीं गुरवन्त सिंह उर्फ गोपी के खिलाफ भी थाना नानकमत्ता में वर्ष 2023 में विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

डकैती के खुलासे में थाना पुलिस के साथ एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की कार्रवाई और लगातार मेहनत को देखते हुए एसएसपी नैनीताल ने टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 2,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गोरापड़ाव डकैती कांड में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि फरार और अन्य वांछित आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।