सम्मान की आस में पहुंचे खिलाड़ी, घंटों इंतजार के बाद हाथ लगी निराशा

सम्मान की आस में पहुंचे खिलाड़ी, घंटों इंतजार के बाद हाथ लगी निराशा

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर शनिवार को हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान की उम्मीद लेकर पहुंचे खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी। खिलाड़ियों का आरोप है कि खेल विभाग की ओर से उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से निमंत्रण भेजकर सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन कार्यक्रम में न तो उन्हें सम्मानित किया गया और न ही मंच पर बुलाया गया।

खिलाड़ियों के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि खेलो इंडिया में प्रतिभाग करने वाले राष्ट्रीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा खिलाड़ियों को प्रशंसा पत्र दिए जाने की बात भी उन्हें बताई गई थी। इसी उम्मीद के साथ बड़ी संख्या में खिलाड़ी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।

खिलाड़ियों ने बताया कि वे सुबह करीब 10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्हें कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा और शाम करीब 4 बजे तक वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। खिलाड़ियों का कहना है कि इस दौरान न तो उनका नाम सम्मान के लिए घोषित किया गया और न ही उन्हें मंच पर बुलाया गया।

कुछ खिलाड़ियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कई घंटे तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया। खिलाड़ियों ने कहा कि सम्मान की उम्मीद में दूर-दराज से आने के बाद इस तरह की अनदेखी से उन्हें काफी निराशा हुई।

खिलाड़ियों का कहना है कि यदि उन्हें सम्मानित नहीं किया जाना था तो उन्हें सुबह से कार्यक्रम स्थल पर बुलाकर घंटों इंतजार क्यों कराया गया। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए बुलाया गया और बाद में उनकी सुध नहीं ली गई।

इसको लेकर खिलाड़ियों में काफी आक्रोश देखने को मिला। उनका कहना है कि एक ओर सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की बात करती है और दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को ही कार्यक्रम में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।

खिलाड़ियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार युवाओं को खेलों की ओर बढ़ने और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को सम्मान के लिए बुलाकर घंटों इंतजार करवाना उनके उत्साह को प्रभावित करने वाला है।

वहीं, खिलाड़ियों के परिजनों ने भी आयोजन को लेकर नाराजगी जताई। परिजनों का कहना था कि जब खिलाड़ियों को सम्मानित ही नहीं करना था तो उन्हें सुबह से कार्यक्रम में बुलाकर क्यों बैठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों और उनके परिजनों को केवल भीड़ एकत्रित करने के उद्देश्य से बुलाया गया।

कार्यक्रम के बाद खिलाड़ी और उनके परिजन काफी निराश नजर आए। खिलाड़ियों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने और भविष्य में ऐसे आयोजनों में खिलाड़ियों को पहले से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि सम्मान की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।