नगर निगम कोटद्वार में मनाया गया रक्षा सूत्र कार्यक्रम, महिला कर्मचारियों ने मेयर और पार्षदों को बांधी राखी

नगर निगम कोटद्वार में मनाया गया रक्षा सूत्र कार्यक्रम, महिला कर्मचारियों ने मेयर और पार्षदों को बांधी राखी

स्थान : कोटद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर नगर निगम कोटद्वार में रक्षा सूत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में महिला पर्यावरण मित्रों और नगर निगम की महिला कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व की पारंपरिक भावना के अनुरूप महिला कर्मचारियों ने नगर निगम के मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत और पार्षदगणों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व का माहौल देखने को मिला।

महिला कर्मचारियों ने मेयर और पार्षदों को राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं जनप्रतिनिधियों ने भी महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत ने महिला पर्यावरण मित्रों और नगर निगम की महिला कर्मचारियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने में महिला कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने महिला पर्यावरण मित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे शहर की स्वच्छता व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनके परिश्रम और समर्पण से नगर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलती है।

कार्यक्रम में नगर निगम की महिला कर्मचारियों ने भी उत्साह के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन कार्यस्थल पर आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।

रक्षा सूत्र कार्यक्रम के दौरान पार्षदगण और नगर निगम के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में रक्षाबंधन पर्व को सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर महिला कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देने के साथ उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से नगर निगम की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलती है।

नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित रक्षा सूत्र कार्यक्रम उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी स्नेह, सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।