स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। मंडलायुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में मेला नियंत्रण भवन के सीसीआर सभागार में उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुंभ क्षेत्र से जुड़े 27 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा के बाद 57 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी गई।


बैठक में कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर स्थायी और अस्थायी प्रकृति की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


स्वीकृत प्रस्तावों में संपर्क मार्गों के सुधार, घाटों के निर्माण और अनुरक्षण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अस्थायी पैदल पुल, बस अड्डे और पार्किंग स्थल विकसित करने की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन कार्यों का उद्देश्य कुंभ के दौरान बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करना है।


बैठक में साइनेज, टेंट सिटी और पुलिस एवं अग्निशमन कर्मियों के लिए बैरक निर्माण जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेले के दौरान यातायात, सुरक्षा, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं।

मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कुंभ नगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराने पर जोर दिया। उन्होंने साइनेज और अन्य निर्माण कार्यों में एक समान कलर स्कीम और थीम बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे पूरे कुंभ क्षेत्र में एकरूपता नजर आए।


बैठक के बाद मंडलायुक्त ने अधिकारियों के साथ कुंभ क्षेत्र में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की समयसीमा तथा गुणवत्ता की जानकारी ली।



रोड़ी बेलवाला में यूआईआईडीबी की पुनर्विकास योजना के तहत चल रहे घाटों के पुनर्निर्माण कार्यों का भी मंडलायुक्त ने निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों के निर्माण में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

निरीक्षण के दौरान निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का भी परीक्षण कराया गया। मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि कुंभ मेला 2027 से पहले सभी निर्माणाधीन और स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जा सके।

