रामनगर मंडी समिति में भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की

रामनगर मंडी समिति में भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की

स्थान : ​रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर मंडी समिति में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और एसडीएम गोपाल सिंह चौहान के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रामनगर मंडी समिति में नवनिर्मित दुकानों, नीलामी चबूतरों और अन्य आवंटन की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं। कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग उठाई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने कहा कि मंडी समिति में दुकानों और अन्य परिसंपत्तियों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवंटन के नाम पर भारी रकम लिए जाने की चर्चा क्षेत्र में चल रही है।

रणजीत सिंह रावत ने कहा कि नवनिर्मित दुकानों और नीलामी चबूतरों के आवंटन में कथित तौर पर 10 से 30 लाख रुपये तक लिए जाने की चर्चा है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों की उच्च स्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए और यदि अनियमितता साबित होती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

पूर्व विधायक ने मंडी समिति के बगीचे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बगीचे को 30 साल की लीज पर दिए जाने की चर्चा है और इस प्रक्रिया में भी कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी समिति से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी की गई है। कांग्रेस ने सरकार से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने छोटे-छोटे दुकानदारों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग भी उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छोटे व्यापारियों को परेशान करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकारी संपत्तियों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।

पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस मामले को लेकर कांग्रेस जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होगी।