रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टर और संसाधनों की कमी के खिलाफ धरना, सुविधाएं बढ़ाने की मांग

रामनगर संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टर और संसाधनों की कमी के खिलाफ धरना, सुविधाएं बढ़ाने की मांग

स्थान : ​रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक मशीनों की कमी को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में अस्पताल के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए सरकार से स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।

धरने में शामिल लोगों ने कहा कि सरकार लगातार विकास कार्यों का दावा करती है, लेकिन धरातल पर इसकी तस्वीर अलग नजर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामनगर का संयुक्त चिकित्सालय लंबे समय से डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है, जिसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।

वक्ताओं ने कहा कि पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में संयुक्त चिकित्सालय अब महज रेफर सेंटर बनकर रह गया है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों और बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 100 बेड के संयुक्त चिकित्सालय में निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अस्पताल में कई महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। उन्होंने सरकार से अस्पताल की क्षमता के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

धरने में विशेष रूप से सर्जन और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ की कमी का मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य आवश्यक चिकित्सकों के पद भी जल्द भरने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इलाज के अभाव में लोगों की जान तक जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की भी मांग की। उन्होंने कहा कि कुमाऊं और गढ़वाल के प्रवेश द्वार के रूप में रामनगर की महत्वपूर्ण स्थिति है। ऐसे में यहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का होना बेहद जरूरी है।

वक्ताओं ने अस्पताल में आवश्यक मशीनों और अन्य चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल भवन और बेड की संख्या बढ़ाने से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं होंगी, बल्कि पर्याप्त डॉक्टर, तकनीकी स्टाफ, दवाइयां और आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराने होंगे।

संयुक्त संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने रामनगर संयुक्त चिकित्सालय की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में सभी आवश्यक चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और मशीनों की व्यवस्था कर क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।