स्थान :पौड़ी गढ़वाल
ब्यूरो रिपोर्ट


पौड़ी गढ़वाल जिले में घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की ई-केवाईसी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिले में कुल 2 लाख 31 हजार 350 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक 1 लाख 82 हजार 370 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।


जिले में अब तक 78 प्रतिशत से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ता ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। प्रशासन की ओर से शेष उपभोक्ताओं से भी जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील की जा रही है।


जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी पूरी होने से उपभोक्ताओं को भविष्य में गैस से जुड़ी सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा रहेगी।

प्रशासन के मुताबिक जिले में अभी करीब 48 हजार 980 घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी होना बाकी है। इन उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने के लिए संबंधित गैस एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


जिलाधिकारी ने कहा कि ई-केवाईसी पूरी नहीं होने की स्थिति में भविष्य में गैस बुकिंग अथवा अन्य संबंधित सेवाओं का लाभ लेने में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी है।

उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं को प्रक्रिया पूरी कराने में आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।



प्रशासन का उद्देश्य जिले के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराना है, ताकि गैस कनेक्शन से संबंधित रिकॉर्ड को अद्यतन किया जा सके। इसके लिए शेष उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है।

जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं द्वारा ई-केवाईसी पूरी किए जाने के बाद प्रशासन ने शेष उपभोक्ताओं से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी होने से उपभोक्ताओं को भविष्य में सेवाओं का लाभ लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

प्रशासन ने सभी शेष घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिना देरी किए अपनी संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें और ई-केवाईसी पूरी करा लें। इससे गैस बुकिंग और अन्य सेवाओं से जुड़ी संभावित परेशानियों से बचा जा सकेगा।

