स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट


हल्द्वानी के गोरापड़ाव क्षेत्र में 19 अगस्त की रात हथियारबंद बदमाशों द्वारा डकैती की घटना से सनसनी फैल गई। डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया और कोतवाली हल्द्वानी से पुलिस बल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।


पीड़ित नारायण दास निवासी अंबा बिहार, तीनपानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि Kia शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय और गैराज में करीब 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोला। बदमाशों ने हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन और अंगूठी समेत अन्य सामान लूट लिया और मौके से फरार हो गए। तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।



घटना को गंभीरता से लेते हुए नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने डकैती के शीघ्र खुलासे के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, सीओ लालकुआं विमल प्रसाद समेत विभिन्न थाना प्रभारी, एसओजी, साइबर टीम और क्राइम विशेषज्ञों को शामिल किया गया।

पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों की मदद ली। एसएसपी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपे। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस फुटेज को खंगाला गया।


जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों की पहचान हुई। पुलिस ने वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह निवासी ईश्वरपुर, शीशगढ़, बरेली को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि किच्छा निवासी यश सिडाना ने डकैती की योजना बनाने में भूमिका निभाई। बताया गया कि यश कथित तौर पर जुए में लाखों रुपये हार चुका था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की जानकारी मिलने पर डकैती की योजना बनाई गई। आरोपियों ने पहले घटनास्थल की रेकी की और इसके बाद हथियारों के साथ वारदात को अंजाम दिया।



पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपियों ने लूटी गई रकम आपस में बांट ली, जबकि मोबाइल फोन रास्ते में फेंक दिए गए ताकि पुलिस को डिजिटल साक्ष्य न मिल सकें। दोनों आरोपियों को उनके खिलाफ मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने संगठित तरीके से अपराध किए जाने के आधार पर बीएनएस के अन्य प्रावधानों में भी कार्रवाई की बात कही है।
गिरफ्तार वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू के पास से 31 हजार रुपये और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं रखवीर सिंह के कब्जे से 35 हजार रुपये, एक 315 बोर का तमंचा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक रखवीर सिंह का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वंशप्रीत के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

डकैती के खुलासे में थाना पुलिस, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस, डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए एसएसपी नैनीताल ने टीम को 2500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपियों और लूटी गई पूरी रकम व आभूषणों की बरामदगी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।

