स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल-2026 कार्यक्रम का आयोजन मुख्य सेवक सदन में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रतिभाग किया।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, खजान दास और गणेश जोशी मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद नरेश बंसल समेत कई विधायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।


कार्यक्रम में लखपति दीदी योजना से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। इसके साथ ही विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भी प्रतिभाग किया। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।


मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल से प्रदेश के सभी जिलों की महिलाओं को भी वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया। इस दौरान विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में महिलाएं ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इससे राज्यभर में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य में अब तक करीब तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।


राज्य सरकार का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार की ओर से स्वरोजगार, उद्यमिता और स्वयं सहायता समूहों के लिए विभिन्न योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।



कार्यक्रम में सरकार की ओर से बताया गया कि आने वाले समय में दो लाख और महिलाओं को लखपति दीदी योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार से संबंधित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवारों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटे-छोटे उद्यम शुरू कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल-2026 के माध्यम से प्रदेश में महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को नई गति देने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया।

