स्थान : चमोली (गोपेश्वर)
ब्यूरो रिपोर्ट


सीमांत जनपद चमोली के छात्र-छात्राओं के पीजी कॉलेज गोपेश्वर में अब बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन यानी बीसीए की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। विश्वविद्यालय से अनुमति मिलने के बाद इसी शैक्षणिक सत्र से बीसीए में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस वर्ष पाठ्यक्रम के लिए 60 सीटें स्वीकृत की गई हैं।


पीजी कॉलेज गोपेश्वर में बीसीए कोर्स शुरू होने का छात्र-छात्राओं को लंबे समय से इंतजार था। विश्वविद्यालय की अनुमति नहीं मिलने के कारण अब तक यह पाठ्यक्रम शुरू नहीं हो पाया था। अनुमति मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इसी सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है।


कॉलेज के प्राचार्य एमपी नगवाल के मुताबिक, बीसीए कोर्स पहले ही स्वीकृत हो चुका था, लेकिन विश्वविद्यालय से आवश्यक अनुमति नहीं मिलने के कारण इसे शुरू नहीं किया जा सका। अब अनुमति मिलने के बाद चमोली जिले के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में कंप्यूटर एप्लीकेशन की व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।


बीसीए कोर्स शुरू होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए श्रीनगर और देहरादून जैसे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे विद्यार्थियों को बाहर रहने, खाने और आने-जाने पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर ही तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह है।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों को बीसीए की पढ़ाई राज्य में निर्धारित शुल्क के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी। इससे सीमांत क्षेत्र के ऐसे छात्र-छात्राओं को विशेष लाभ मिलेगा, जो आर्थिक कारणों से दूसरे शहरों में जाकर कंप्यूटर से जुड़ी व्यावसायिक शिक्षा हासिल नहीं कर पाते थे।


बीसीए की शुरुआत को लेकर छात्र-छात्राओं में भी खासा उत्साह है। विद्यार्थियों का कहना है कि पीजी कॉलेज गोपेश्वर में इस पाठ्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की बड़ी उपलब्धि है। अब उन्हें कंप्यूटर क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



तकनीकी शिक्षा के बढ़ते महत्व को देखते हुए बीसीए को रोजगारपरक पाठ्यक्रम के रूप में भी देखा जा रहा है। कंप्यूटर एप्लीकेशन के क्षेत्र में प्रशिक्षण हासिल करने के बाद विद्यार्थियों के सामने आईटी, सॉफ्टवेयर, डिजिटल सेवाओं और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में करियर के अवसर खुल सकते हैं।
पीजी कॉलेज गोपेश्वर में 60 सीटों के साथ शुरू होने वाला यह पाठ्यक्रम सीमांत जनपद के युवाओं के लिए तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर ही विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कॉलेज की भूमिका और मजबूत होगी।

बीसीए की शुरुआत से चमोली के युवाओं को अपने क्षेत्र में रहकर गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। कॉलेज में नए पाठ्यक्रम की शुरुआत से स्थानीय छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए विकल्प खुलने की उम्मीद है।

