ब्यूरो रिपोर्ट


भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर एक बार फिर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। पूनावाला ने दावा किया कि भाजपा से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, उन्हें ऐसे संदेश भेजे गए, जिनमें भाजपा और मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों पर बयान देने के लिए कहा गया था।


पूनावाला ने ये दावे एक इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से जुड़े लोगों को उम्मीद थी कि भाजपा छोड़ने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ खुलकर बयान देंगे। हालांकि, पूनावाला के अनुसार उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और भाजपा तथा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना समर्थन दोहराया।


उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े कथित ईकोसिस्टम ने उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश भी की। पूनावाला का दावा है कि कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया हैंडल्स को उनके खिलाफ बयानबाजी के लिए ‘मोटिवेट’ किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पूनावाला ने कहा कि भाजपा छोड़ने के बाद उन्हें ऐसे संदेश मिले, जिनमें उनकी स्थिति को भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ लोगों को उम्मीद थी कि वह भाजपा और मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाएंगे। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी गई।

अपने वीडियो में पूनावाला ने कहा कि वह भाजपा को पसंद करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक बने रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस से संपर्क किए जाने के दावे के साथ यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा से इस्तीफा देने के बावजूद उनका राजनीतिक रुख भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नहीं बदला है।

शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी भविष्य में प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। पूनावाला ने 2029, 2034 और 2039 का जिक्र करते हुए कहा कि वह राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने का विरोध करते रहेंगे।



इससे पहले भी पूनावाला सोशल मीडिया के जरिए राहुल गांधी को लेकर इसी तरह की टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने एक पोस्ट में कहा था, ‘तरीका बदला है, मकसद नहीं।’ इसके जरिए उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के विरोध को दोहराया था।
पूनावाला ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और पार्टी के चर्चित प्रवक्ताओं में शामिल रहे। भाजपा में रहते हुए वह कांग्रेस और विपक्ष पर लगातार हमलावर रहे। अब उन्होंने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

हालांकि, पूनावाला की ओर से लगाए गए कांग्रेस पर संपर्क करने, पत्रकारों को प्रभावित करने और उनके खिलाफ अभियान चलाने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संदर्भ सामग्री में नहीं है। कांग्रेस की ओर से भी इन दावों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। ऐसे में उनके आरोपों को फिलहाल उनके व्यक्तिगत दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

