फूलों की घाटी में रिकॉर्ड पर्यटक, 22 हजार से अधिक सैलानियों ने किया दीदार

फूलों की घाटी में रिकॉर्ड पर्यटक, 22 हजार से अधिक सैलानियों ने किया दीदार

स्थान : ज्योर्तिमठ
ब्यूरो रिपोर्ट

यूनेस्को विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार है। अगस्त माह के पीक सीजन में घाटी में रंग-बिरंगे अल्पाइन फूलों की अनुपम छटा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ यूरोपीय और एशियाई देशों से भी बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहां पहुंच रहे हैं।

फूलों की घाटी में खास तौर पर जापान, थाईलैंड और कोरिया के पर्यटकों की आमद देखने को मिल रही है। अगस्त के तीन सप्ताह के दौरान घाटी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। घाटी में मौजूद रंग-बिरंगे पुष्प और प्राकृतिक सौंदर्य विदेशी सैलानियों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

इन दिनों वैली में रिवर व्यू प्वाइंट तक गुलाबी हिमालयी बालसम और विभिन्न पुष्पों की बड़ी-बड़ी क्यारियां दिखाई दे रही हैं। वहीं नीले कैंपान्यूला, जिरेनियम, पीले कॉरिडेल्स और साइलिन ऑर्किड जैसे फूल घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं। फूलों की खुशबू और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।

पर्यटकों की आमद की बात करें तो इस वर्ष फूलों की घाटी में रिकॉर्ड संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योर्तिमठ के उप वन संरक्षक यश ढोबले के मुताबिक, एक जून को पर्यटकों के लिए खोली गई घाटी में अब तक करीब 22 हजार सैलानी पहुंच चुके हैं।

यश ढोबले ने बताया कि इस वर्ष अब तक घाटी में पहुंचे पर्यटकों की संख्या वर्ष 2025 की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक है। खास बात यह है कि अभी पर्यटकों के लिए फूलों की घाटी 31 अक्टूबर तक खुली रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

वन विभाग की ओर से घाटी में पर्यटकों की सुविधा और संरक्षण को लेकर कई स्तर पर इंटरवेंशन किए गए हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि इन प्रयासों का असर घाटी में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बावजूद प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को संरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान हर वर्ष एक जून को पर्यटकों के लिए खोला जाता है और 31 अक्टूबर को बंद कर दिया जाता है। सर्दियों के मौसम में पूरा क्षेत्र बर्फ की चादर से ढक जाता है। मौसम अनुकूल होने पर जून से अक्टूबर तक यहां देश-विदेश के पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं।

फूलों की घाटी अपने पुष्प जैव विविधता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां सैकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे हिमालयी फूल पाए जाते हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र दुर्लभ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। फूलों और वन्य जीवन का अनूठा संगम इस क्षेत्र को विशेष बनाता है।

पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद से स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रकृति प्रेमियों के बीच फूलों की घाटी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। वन विभाग के संरक्षण प्रयासों और प्राकृतिक सौंदर्य के चलते इस वर्ष घाटी में पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।