खटीमा में बस्ती का रास्ता बंद किए जाने से ग्रामीण परेशान, एसडीएम से कार्रवाई की मांग

खटीमा में बस्ती का रास्ता बंद किए जाने से ग्रामीण परेशान, एसडीएम से कार्रवाई की मांग

स्थान : खटीमा
रिपोर्ट :अशोक सरकार

ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा तहसील क्षेत्र के ग्राम भैसिया में बस्ती का रास्ता बंद किए जाने का मामला सामने आया है। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी खटीमा को शिकायती पत्र सौंपकर रास्ता खुलवाने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बस्ती के भीतर करीब 25 से 30 मकान बने हुए हैं। इन घरों में रहने वाले लोग वर्ष 2019 से एक रास्ते का नियमित रूप से आवागमन के लिए इस्तेमाल करते आ रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बीती 30 जून 2026 को अचानक इस रास्ते को बीच में करीब 30 मीटर तक बंद कर दिया गया।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि रास्ते के हिस्से में धान की फसल लगा दी गई है और वहां तारबाड़ भी कर दी गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तारबाड़ में करंट छोड़ा गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण बस्ती में रहने वाले लोगों को अपने घरों तक आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को हो रही है, जिन्हें स्कूल जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता जल्द नहीं खुला तो परेशानी और बढ़ सकती है।

शिकायत में ग्रामीणों ने भूमि के स्वामित्व को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस भूमि पर रास्ता बंद किया गया है, वह संबंधित व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि के अभिलेखों की जांच कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे रास्ते को अचानक बंद किए जाने से बस्ती के लोगों के सामने गंभीर समस्या पैदा हो गई है। उनका कहना है कि रास्ते का इस्तेमाल केवल एक-दो परिवार नहीं, बल्कि पूरी बस्ती के लोग करते हैं। इसलिए मामले का तत्काल संज्ञान लेकर ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता बहाल किया जाना जरूरी है।

शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम खटीमा से मौके का निरीक्षण कराकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही रास्ते पर की गई तारबाड़ और कथित रूप से करंट छोड़े जाने की स्थिति की भी जांच करने की मांग की गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि जांच में रास्ता बंद करने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बस्ती के लोगों के वर्षों पुराने आवागमन के रास्ते को जल्द से जल्द खुलवाया जाए, ताकि बच्चों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।

अब ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। देखना होगा कि एसडीएम स्तर से मामले की जांच के बाद क्या स्थिति सामने आती है और क्या बस्ती के लोगों को उनका आवागमन का रास्ता दोबारा मिल पाता है।