स्थान : रानीखेत
रिपोर्ट : संजय जोशी


रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नामों पर दर्ज की गई आपत्तियों को लेकर रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर सभी आपत्तियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है।


ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत विधानसभा क्षेत्र में अनेक मतदाताओं के नाम और पात्रता को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। पार्टी का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल राजनीतिक दुर्भावना, गलत सूचना, भ्रामक तथ्यों अथवा पर्याप्त सत्यापन के अभाव में मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।



कांग्रेस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची की तैयारी, पुनरीक्षण या संशोधन तथा किसी व्यक्ति का नाम शामिल करने अथवा हटाने के संबंध में जानबूझकर झूठा लिखित बयान या घोषणा करना दंडनीय है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।


ज्ञापन में मांग की गई कि एसआईआर के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक आपत्ति की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम केवल आपत्ति प्राप्त होने के आधार पर अथवा बिना पर्याप्त दस्तावेजी सत्यापन के मतदाता सूची से न हटाया जाए। साथ ही प्रभावित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए।


कांग्रेस ने उन आपत्तियों की विशेष जांच की मांग भी की है, जिनके संबंध में आपत्तिकर्ताओं द्वारा स्वयं गुमराह किए जाने की बात कही गई है। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर झूठी, असत्य या भ्रामक जानकारी देकर किसी मतदाता का नाम हटाने के उद्देश्य से आपत्ति दर्ज कराने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 समेत अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि किसी झूठी आपत्ति के पीछे किसी अन्य व्यक्ति या संगठन द्वारा सुनियोजित तरीके से गलत जानकारी उपलब्ध कराने अथवा आपत्ति दर्ज कराने का प्रयास सामने आता है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाए। कांग्रेस ने ज्ञापन में आपत्तिकर्ताओं के नाम और दर्ज आपत्तियों की संख्या का उल्लेख किए जाने की बात कही है। कांग्रेस का आरोप है कि इनमें अधिकांश नाम भाजपा से जुड़े लोगों के हैं।




रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन से मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाए। कांग्रेस ने कहा कि प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना होना चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में किसी भी पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कर पात्र मतदाताओं के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई।


ज्ञापन देने वालों में नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, पीसीसी सदस्य कैलाश पांडेय, अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष गुसाईं राम, महिला जिलाध्यक्ष गीता पवार, महिला नगर अध्यक्ष नेहा माहरा, चिलियानौला अध्यक्ष कमलेश बोरा, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, विश्व विजय माहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य खुशाल मेहरा, अगस्त लाल साह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीप उपाध्याय व विजय तिवारी, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी, सभासद सुंदर कुँवार्बी, पूरन माहरा, प्रमोद पाल, पंकज गुरुरानी, पान सिंह, रुद्र माहरा, संदीप बंसल, मो. दानिश, ललित मेहरा समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

