स्थान : हल्द्वानी
ब्यरो रिपोर्ट


हल्द्वानी के मंडी चौकी क्षेत्र के गोरापड़ाव में बुधवार देर रात खुद को पुलिस की एसओजी टीम बताकर लूट की वारदात को अंजाम देने का मामला सामने आया है। कार सवार करीब आठ से दस बदमाशों ने एक कार्यालय में पार्टी कर रहे लोगों को तमंचे के बल पर धमकाया और वहां रखी रकम के साथ जेवर भी लूट लिए।


बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात बरेली रोड स्थित गोरापड़ाव के एक कार्यालय में कुछ लोग पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान एक कार वहां पहुंची, जिसमें सवार करीब आठ से दस लोग बाहर निकले। बदमाशों ने खुद को पुलिस की एसओजी टीम बताया और तमंचे के बल पर वहां मौजूद लोगों को धमकाना शुरू कर दिया।



बदमाशों ने पुलिसकर्मी होने का ऐसा प्रभाव बनाया कि मौके पर मौजूद लोग विरोध नहीं कर सके। आरोप है कि इसके बाद बदमाशों ने वहां जुए में लगी पूरी रकम अपने कब्जे में ले ली। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अंगूठियां और गले में पहनी चेन भी उतरवा ली।


वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अपनी कार में सवार हुए और बरेली रोड की ओर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। लूट की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई।


एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है, ताकि आरोपियों तक जल्द पहुंचा जा सके।


पुलिस टीमों ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस फुटेज के जरिए वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान करने के साथ ही उनकी गतिविधियों और फरार होने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।



पुलिस वारदात में इस्तेमाल की गई कार के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। कार का नंबर और उसके रूट की जानकारी हासिल करने के लिए आसपास के कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी और सर्विलांस से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं।

इसके साथ ही पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि बदमाशों को कार्यालय में मौजूद लोगों और वहां चल रही गतिविधियों की पहले से जानकारी थी या उन्होंने अचानक मौके पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।


फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और अलग-अलग टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही लूटी गई रकम, जेवर और वारदात के पीछे की पूरी कहानी का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

