गदरपुर में तिरंगा यात्रा को लेकर सरकारी आदेश पर उठे सवाल, स्कूली बच्चों को बुलाने का आरोप

गदरपुर में तिरंगा यात्रा को लेकर सरकारी आदेश पर उठे सवाल, स्कूली बच्चों को बुलाने का आरोप

स्थान : गदरपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

गदरपुर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा को लेकर सरकारी आदेश जारी किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय गदरपुर की ओर से स्कूली बच्चों और शिक्षकों के तिरंगा यात्रा में शामिल होने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि, इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी ने मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान स्कूली बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि, सरकारी आदेश के जरिए बच्चों को कार्यक्रम में बुलाए जाने की बात सामने आने के बाद इसको लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा ने कहा कि तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। हालांकि, सरकारी स्तर से इस तरह के आदेश जारी होने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।

वहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त अधिकारी खड़क सिंह कार्की ने कहा कि यदि सरकारी स्तर पर लोगों को किसी राजनीतिक दल की तिरंगा यात्रा में शामिल होने का आदेश जारी किया गया है तो यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में अपनी इच्छा से आने वाले लोगों का स्वागत किया जाना चाहिए।

उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि गदरपुर के लोगों में तिरंगा यात्रा को लेकर उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग स्वेच्छा से भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। उन्होंने सरकारी आदेश के जरिए भीड़ जुटाने की स्थिति को गलत बताया।

गदरपुर नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी तिरंगा यात्रा में पहुंचे लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंचे हैं और सभी का स्वागत किया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले में स्कूलों के शिक्षक और शिक्षिकाएं मीडिया के सवालों से दूरी बनाते नजर आए। उन्होंने सरकारी आदेश के संबंध में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बताए जा रहे आदेश को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। बताया गया कि बिजली जाने के बाद बच्चों के लिए पंखे की व्यवस्था नहीं थी। मौके पर केवल पानी की व्यवस्था होने की बात सामने आई। बताया गया कि बच्चे सुबह करीब आठ बजे से कंबोज धर्मशाला में कार्यक्रम में पहुंचने लगे थे।

वहीं तिरंगा यात्रा में बच्चों के शामिल होने का कार्यक्रम सुबह 10:20 बजे तक शुरू नहीं हो पाया था। ऐसे में लंबे समय तक बच्चों के इंतजार और गर्मी में रहने को लेकर भी चर्चा होती रही। अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सरकारी आदेश जारी हुआ है तो उसके पीछे प्रशासनिक आधार क्या था और क्या सरकारी कर्मचारियों व स्कूली बच्चों को किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निर्देशित किया जा सकता है?