रानीखेत में SIR की आपत्तियों पर बैठक, गलत शिकायतों को लेकर उठे सवाल

रानीखेत में SIR की आपत्तियों पर बैठक, गलत शिकायतों को लेकर उठे सवाल

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के संबंध में दर्ज आपत्तियों को लेकर बुधवार को रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपत्तियों से प्रभावित मतदाताओं, आपत्तिकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा।

बैठक के दौरान कुछ आपत्तिकर्ताओं ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष दावा किया कि उन्हें गुमराह करके आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उनका आरोप था कि गलत और भ्रामक जानकारी देकर उनसे मतदाताओं के नाम अथवा पात्रता को लेकर आपत्तियां लगवाई गईं, जिससे क्षेत्र के आपसी सौहार्द को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

वहीं कुछ ऐसे आपत्तिकर्ता बैठक में उपस्थित नहीं हुए, जिनकी ओर से मतदाताओं के नाम या पात्रता को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद प्रभावित मतदाताओं ने प्रशासन से ऐसी सभी आपत्तियों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की।

मतदाताओं ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर गलत, भ्रामक या बेबुनियाद आपत्ति दर्ज कराई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोष सिद्ध होने पर निर्वाचन कानूनों और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कुछ मतदाताओं ने यह भी मांग रखी कि यदि जांच में झूठी आपत्ति दर्ज कराने की पुष्टि होती है तो जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गलत जानकारी के आधार पर पात्र नागरिकों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए।

बैठक में रानीखेत कांग्रेस कमेटी की ओर से भी SIR के तहत लगाई गई कथित आपत्तियों का विरोध किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के BLA-1, BLA-2 और उनके कार्यकर्ताओं की ओर से बदनीयती से कथित तौर पर बेबुनियाद और फर्जी आपत्तियां लगाई गई हैं।

कांग्रेस के उपस्थित BLA-1 और BLA-2 ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के समक्ष कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रत्येक आपत्ति की पूरी जांच के बाद ही कोई निर्णय लेने की मांग की।

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार उसके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा हुआ है। पार्टी ने कहा कि रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए वह प्रतिबद्ध है और किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार का हनन नहीं होने दिया जाएगा।

कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि SIR के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों की निष्पक्षता और तथ्यों के आधार पर जांच की जाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम केवल वैधानिक प्रक्रिया और पर्याप्त सत्यापन के बाद ही प्रभावित किए जाने चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें किसी भी तरह की मनमानी या राजनीतिक दुर्भावना के आधार पर हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए पात्र मतदाताओं के मताधिकार को सुरक्षित रखने की मांग की।