स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट


उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने मदरसों में शिक्षा व्यवस्था, आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मदरसे शिक्षा और ज्ञान के केंद्र हैं और यहां शिक्षा के साथ समाज में भाईचारे का संदेश भी दिया जाता है।


शादाब शम्स ने कहा कि ‘मदरसा’ अरबी भाषा का शब्द है, जिसका हिंदी अर्थ ‘विद्यालय’ होता है। उन्होंने कहा कि मदरसों को केवल किसी एक समुदाय से जोड़कर देखने के बजाय इन्हें शिक्षा के केंद्र के रूप में देखा जाना चाहिए।


वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि मदरसों में हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। इन अवसरों पर ध्वजारोहण के साथ राष्ट्र के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना का संदेश दिया जाता है।


उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के आयोजनों में सभी समुदायों और संप्रदायों के लोगों को आमंत्रित किया जाता है। मदरसों में आने वाले लोगों का समान रूप से सत्कार और सम्मान किया जाता है, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है।

शादाब शम्स ने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से मदरसों की बेहतरी और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए किए जाने वाले सकारात्मक प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई नई पहल की जा रही है तो यह सराहनीय कदम है।


उन्होंने कहा कि मदरसों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए। शिक्षा को मजबूत करने से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और वे समाज व देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।



वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ सभी को आगे बढ़ने की जरूरत है। समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं, जिनसे अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी विश्वास और सद्भाव कायम रहे।
उन्होंने कहा कि मदरसे लंबे समय से ज्ञान और शिक्षा के केंद्र रहे हैं। यदि शिक्षा के साथ आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी बढ़ावा दिया जाए तो इसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ सकता है।


शादाब शम्स ने कहा कि शिक्षा और सामाजिक एकता को मजबूत करने वाली हर पहल का स्वागत किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि मदरसों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और समाज में भाईचारे का संदेश मजबूत करने के प्रयास देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

