स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


हल्द्वानी में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लगातार सामने आ रही आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।


प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस SIR के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी मनोज रावत और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मतदाता सूची के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है।



कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा बिना चुनाव लड़े ही चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि कुमाऊं क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां लगाई जा रही हैं, खासकर कांग्रेस विधायकों की विधानसभा क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां अधिक देखने को मिल रही हैं।

प्रदर्शनकारियों ने सबसे बड़ा सवाल आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों की पहचान को लेकर उठाया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कई आपत्तियों में आपत्ति लगाने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और पता तक स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन आपत्तियों के पीछे कौन लोग हैं।


कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्य से मतदाताओं के नाम काटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है तो पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए।

कांग्रेस ने जिलाधिकारी के सामने आपत्तियों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं के अनुसार नियमानुसार सीमित संख्या में आपत्तियों को स्वीकार किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन कुछ विधानसभा क्षेत्रों में हजारों की संख्या में आपत्तियां स्वीकार किए जाने की बात सामने आ रही है।




प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एक विधानसभा क्षेत्र में करीब 5,400 से लेकर 7,000 तक आपत्तियां सामने आना गंभीर विषय है। कांग्रेस ने इन आपत्तियों की जांच कराने और नियमों के विपरीत पाई जाने वाली सभी आपत्तियों को निरस्त करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि मतदाता सूची को लेकर किसी भी तरह की कथित धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि गलत तरीके से आपत्ति लगाने वालों के खिलाफ पुलिस, जिलाधिकारी या मंडलायुक्त स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाए।

वहीं जिलाधिकारी की ओर से कांग्रेस प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया कि नियमानुसार आपत्तियों की जांच की जाएगी। सभी BLO को निर्देशित किया गया है कि जिन लोगों के नाम पर आपत्ति लगाई गई है और जिन लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है, दोनों पक्षों को नोटिस दिया जाए और आमने-सामने सुनवाई के बाद ही आपत्ति पर निर्णय लिया जाए। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद प्रशासन मतदाता सूची से जुड़ी इन आपत्तियों का किस तरह निस्तारण करता है।

