स्थान : देहरादून
ब्यरो रिपोर्ट


राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और गरिमा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदम का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के गौरव और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा गीत है, जिसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है।


बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक, 2026’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को लेकर कानूनी प्रावधानों को और सख्त किए जाने का रास्ता साफ हुआ है।



जानकारी के अनुसार यह विधेयक गत 30 जुलाई को लोकसभा में भारी बहुमत से पारित हुआ था। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विधेयक को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के साथ इसके प्रावधान प्रभावी होने की दिशा में कदम बढ़ा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को इसे गर्व और सम्मान के साथ गाना चाहिए।


सीएम धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय गीत की गरिमा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है। देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से ही देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाला गीत रहा है। इसके साथ देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत का अपमान किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार की ओर से बनाए गए प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की मंजूरी का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कदम से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना और मजबूत होगी तथा देश में राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश और व्यापक होगा।

