स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : संजय जोशी


सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के नवनिर्मित उपनल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस भवन से पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और उपनल से जुड़े कार्मिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।


इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं मंडल का प्रवेश द्वार है और यहां बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक तथा उनके परिवार निवास करते हैं। ऐसे में उपनल का सुविधायुक्त और सुसज्जित कार्यालय होना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पहले उपनल कार्यालय छोटे से कमरे में संचालित होने के कारण पूर्व सैनिकों और अन्य लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।



उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से कार्यालय आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी समस्याओं के समाधान में भी आसानी होगी। मंत्री ने कहा कि उपनल के माध्यम से प्रदेशभर में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

गणेश जोशी ने बताया कि अब विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। विदेशों में मैनपावर की मांग को देखते हुए इस संबंध में बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि आगामी एक माह के भीतर विदेश सेवा से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसका लाभ पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों के साथ-साथ अन्य योग्य युवाओं को भी मिलेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री ने घोषणा की कि अग्निवीरों को भी विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 50 प्रतिशत अग्निवीरों को उपनल के माध्यम से विदेशों में रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे सैनिक परिवारों के साथ प्रदेश के अन्य युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार महत्वपूर्ण फैसले ले रही है। उपनल में कार्यरत कर्मचारियों के दुर्घटना बीमा कवर को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता किया गया है।



गणेश जोशी ने कहा कि सीमा पर तैनात सेना और पैरामिलिट्री के जवानों के बलिदान की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। साथ ही शहीदों के परिजनों की इच्छा के अनुरूप उनके नाम पर सड़क, विद्यालय अथवा अन्य संस्थान का नामकरण करने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने बताया कि शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को संजोने के लिए सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के आंगन की पवित्र मिट्टी और 28 नदियों का जल सैन्य धाम में लाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सैन्य धाम को वीर माताओं, वीर नारियों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को सचिवालय में अपने कार्यों के लिए अलग से पास बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके लिए पूर्व सैनिक पहचान-पत्र ही पर्याप्त होगा। सरकार का उद्देश्य सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और युवाओं को अधिक से अधिक सुविधाएं तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर मंडी अध्यक्ष अनिल डब्बू, दर्जा मंत्री गंभीर धामी, एमडी उपनल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जेएनएस बिष्ट, कर्नल गोविंद सिंह, कर्नल आलोक पांडे, कर्नल रमेश अधिकारी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

