स्थान : अल्मोड़ा रानीखेत
ब्यूरो रिपोर्ट


जनप्रतिनिधियों ने राशन, पेयजल, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पशुपालन से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की कई ग्राम सभाएं आज भी पेयजल संकट से जूझ रही हैं। ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


पेयजल के मुद्दे पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जनप्रतिनिधियों ने पानी के वितरण और पेयजल योजनाओं को लेकर कई आरोप लगाए और अधिकारियों से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।


बैठक में खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़ी समस्याएं भी उठाई गईं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने राशन वितरण व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं और पात्र लोगों तक समय पर राशन पहुंचाने की मांग की।


सड़क निर्माण और बिजली की समस्याओं को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से जवाब मांगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कों और बिजली से जुड़ी दिक्कतों का मुद्दा उठाते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की गई।

क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग से जुड़ी समस्याओं को भी बैठक में प्रमुखता से रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और पशुपालकों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई।

बैठक के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी दिखाई दी। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र की गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों का बैठक में मौजूद रहना जरूरी है। इसको लेकर बैठक में जमकर हंगामा भी हुआ।




पेयजल समस्या को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि पानी की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे पेयजल शुल्क का भुगतान नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।

