बाढ़ सुरक्षा कार्यों का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, तेजी और गुणवत्ता के दिए निर्देश

बाढ़ सुरक्षा कार्यों का डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण, तेजी और गुणवत्ता के दिए निर्देश

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के नेपाल सीमा से सटे बनबसा क्षेत्र के बमनपुरी में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने हुड़ी नदी पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि बारिश और बाढ़ के दौरान क्षेत्र के लोगों को सुरक्षा मिल सके।

मनीष कुमार ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी को बताया कि बमनपुरी में हुड़ी नदी के किनारे 273 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस सुरक्षा दीवार से नदी के कटाव और बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में नदी किनारे वायरक्रेट निर्माण का कार्य चल रहा है। हालांकि नदी में पानी आने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद विभाग द्वारा उपलब्ध समय में कार्य को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जिलाधिकारी ने नदी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए।

डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश भी दिए, ताकि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्य समय पर पूरे हो सकें और मानसून के दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने में प्रशासन को परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड रघुवर दत्त भट्ट, सहायक अभियंता मनोज तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की लगातार समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।