माणा गांव के झूला पुल पर मंडराया खतरा, भूमि कटाव से ग्रामीणों में दहशत

माणा गांव के झूला पुल पर मंडराया खतरा, भूमि कटाव से ग्रामीणों में दहशत

स्थान : चमोली (माणा)
ब्यूरो रिपोर्ट

देश के पहले ऋतु प्रवासी पर्यटन जीवंत गांव माणा में लगातार हो रहे भूमि कटाव और भू-स्खलन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव की दैनिक आवाजाही का एकमात्र प्रमुख साधन माना जाने वाला पैदल झूला पुल भी अब भूमि कटाव की जद में आ गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

माणा गांव के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अलकनंदा और सरस्वती नदी के संगम केशव प्रयाग से कुछ दूरी पर माणा गांव के निचले मोहल्ले के ठीक नीचे अलकनंदा नदी पर यह झूला पुल बना हुआ है। ग्रामीणों के लिए यह पुल रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण साधन है।

ग्राम प्रधान के अनुसार, इस स्थान पर अलकनंदा नदी के तेज प्रवाह के कारण पिछले कई वर्षों से लगातार भूमि कटाव हो रहा है। नदी का पानी जिस तेजी से किनारे की जमीन को काट रहा है, उससे झूला पुल के आसपास भी खतरा बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूमि कटाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो पैदल झूला पुल की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। इसके साथ ही माणा गांव के निचले मोहल्ले के लिए भी यह स्थिति गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि अलकनंदा नदी के तेज प्रवाह से माणा गांव का निचला मोहल्ला प्रभावित है। नदी के तेज बहाव और लगातार आती आवाज से ग्रामीणों में भय का माहौल है। कई ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय नदी की आवाज के कारण वे डर के साए में सोने को मजबूर हैं।

ग्राम प्रधान ने बताया कि भूमि कटाव और भू-स्खलन की समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी जोशीमठ सहित सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता देहरादून को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। प्रशासन और संबंधित विभाग से समय रहते सुरक्षा कार्य शुरू करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि सरस्वती नाला से कुयें नाला तक सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए, ताकि अलकनंदा नदी के तेज प्रवाह से हो रहे भूमि कटाव को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए तो गांव और झूला पुल को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।

ग्राम प्रधान का आरोप है कि अरबों रुपये की लागत से बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन माणा गांव की इस गंभीर समस्या की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सुरक्षा और बुनियादी कनेक्टिविटी को विकास योजनाओं में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

माणा गांव की मातृ शक्ति ने भी चेतावनी दी है कि यदि भूमि कटाव रोकने के लिए जल्द ठोस कार्य शुरू नहीं किए गए तो ग्रामीण शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग के खिलाफ बड़े जन आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि किसी बड़े हादसे से पहले झूला पुल और गांव की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।