SIR को लेकर कांग्रेस का निर्वाचन आयोग पर दबाव, फॉर्म-7 की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

SIR को लेकर कांग्रेस का निर्वाचन आयोग पर दबाव, फॉर्म-7 की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के सामने अपनी चिंताएं और मांगें रखी हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल देहरादून सचिवालय पहुंचा और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की।

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस की ओर से पूर्व में भी निर्वाचन आयोग को कई प्रतिवेदन दिए गए थे। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से इन प्रतिवेदनों पर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

गोदियाल ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें एक-एक व्यक्ति द्वारा 50 से लेकर 150 तक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन किए जाने की बात सामने आई है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से ऐसे आवेदनों को लेकर पारदर्शिता बरतने की मांग की है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता का नाम हटाने के लिए किए गए आवेदन निर्वाचन आयोग के सिस्टम में दिखाई देने चाहिए। उनका कहना है कि इससे यह पता चल सकेगा कि किस व्यक्ति ने कितने मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन किया है और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से इसकी लिखित सूचना अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए। इससे संबंधित व्यक्ति को अपने नाम हटाए जाने की जानकारी समय पर मिल सकेगी।

गोदियाल ने कहा कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाता है तो उसके पास कानूनी लड़ाई लड़ने का अधिकार होना चाहिए। लिखित सूचना मिलने से मतदाता समय रहते संबंधित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेगा और आवश्यक कानूनी कदम उठा सकेगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग के सामने स्पष्ट रूप से कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति वैध मतदाता नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आयोग से मांग की कि नाम जोड़ने और हटाने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से SIR प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों और आपत्तियों पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और निष्पक्ष चुनाव के पक्ष में है तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों।