स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टनल में पानी और मलबा भरने से हुए हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई है। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, टनल में फंसे 22 कर्मचारियों में से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने 12 घायल श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।


रेस्क्यू किए गए सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक श्रमिक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा है।


मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, हादसे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले कुल सात श्रमिकों की मौत हुई है। हादसे की सूचना के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।


टनल में फंसे तीन अन्य लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनकी तलाश के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत अन्य बचाव दल तेजी से सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। पानी और मलबे की चुनौती के बीच बचाव दल सावधानी के साथ टनल के भीतर आगे बढ़ रहे हैं।

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस के साथ विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। टनल से पानी और मलबा हटाने के लिए आवश्यक संसाधनों और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रेस्क्यू अभियान के दौरान बचाव दलों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान लापता तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।



इस दर्दनाक हादसे पर राज्य सरकार ने संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित राज्यों की सरकारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मृतकों के परिजनों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रशासन की ओर से की जा रही है।
फिलहाल पीपलकोटी टीएचडीसी टनल में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लापता श्रमिकों की तलाश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


