

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

परेड ग्राउंड में आयोजित लोक संवर्धन पर्व का रविवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े उद्यमियों ने अपने आकर्षक स्टॉल लगाए हैं।


उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।


उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ कारीगरों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद मिलती है।


केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के समन्वय से इस प्रकार के आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षण मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए कारीगरों ने हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक वस्त्र, कलात्मक उत्पाद और स्थानीय व्यंजनों सहित अनेक उत्पादों का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में लोग स्टॉलों पर पहुंचकर उत्पादों की जानकारी लेने और खरीदारी करने में रुचि दिखा रहे हैं।


किरेन रिजिजू ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में लोक संवर्धन पर्व में पहुंचने तथा स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



लोक संवर्धन पर्व के माध्यम से पारंपरिक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलने के साथ कारीगरों को अपने उत्पादों के विपणन का बेहतर अवसर मिल रहा है। आयोजन में आने वाले दिनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।

