

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाराकोट क्षेत्र के संतोला डेंजर जोन में सोमवार दोपहर भारी भूस्खलन होने से ऑल वेदर सड़क करीब चार घंटे तक पूरी तरह बंद रही। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से यातायात ठप हो गया, जिससे दोनों ओर सैकड़ों वाहन और हजारों यात्री फंस गए।


दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गिरा। इसी दौरान टनकपुर से पिथौरागढ़ जा रहा एक कैंटर मलबे की चपेट में आ गया। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया।


भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क बंद होने से यात्रियों, स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोगों को आवश्यक कार्यों के लिए गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरिश्चंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को घटना की सूचना तुरंत दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मलबा हटाने के लिए मशीनें काफी देर बाद मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो सड़क को जल्द खोला जा सकता था।
करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम लगभग 7 बजे मशीनों की सहायता से मलबे में फंसे कैंटर को बाहर निकाला गया और सड़क से मलबा हटाया गया। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका और फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।


हरिश्चंद्र तिवारी ने बताया कि संतोला डेंजर जोन में अभी भी पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की कि इस संवेदनशील स्थल पर 24 घंटे मशीनें और आवश्यक संसाधन तैनात रखे जाएं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।



बारिश के चलते डेंजर जोन में कीचड़ जमा होने से वाहनों के फिसलने और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपाय करने और मानसून के दौरान नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से यात्रियों को राहत मिल सके।

