कोटद्वार में भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी बढ़ी, बाढ़ नियंत्रण कार्यों के भुगतान को लेकर सरकार पर उठे सवाल

कोटद्वार में भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी बढ़ी, बाढ़ नियंत्रण कार्यों के भुगतान को लेकर सरकार पर उठे सवाल

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता भुवनेश खर्कवाल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2017 की आपदा के बाद बाढ़ नियंत्रण कार्यों में जुटे भाजपा कार्यकर्ताओं का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताया।

भुवनेश खर्कवाल के अनुसार, वर्ष 2017 में कोटद्वार क्षेत्र में आई आपदा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को बाढ़ नियंत्रण कार्य युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए गए थे, ताकि भविष्य में आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर भाजपा के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्य सौंपे गए थे। इन कार्यों की कुल लागत लगभग 6 करोड़ 38 लाख रुपये बताई गई थी। कार्यकर्ताओं ने निर्धारित समय पर सभी कार्य पूरे कर दिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है।

भाजपा नेता ने कहा कि वर्ष 2022 में भुगतान के लिए शासनादेश जारी किया गया था और शासन की ओर से प्रमुख वन संरक्षक को धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई थी। इसके बाद भी वर्ष 2026 तक संबंधित कार्यकर्ताओं को भुगतान नहीं किया गया, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान को लेकर कई बार शासन और सरकार के स्तर पर जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कार्यकर्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

भुवनेश खर्कवाल ने सरकार से जल्द से जल्द लंबित भुगतान जारी करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यकर्ताओं की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक असर आगामी विधानसभा चुनावों में कोटद्वार, यमकेश्वर और लैंसडौन विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने आपदा के समय पूरी निष्ठा के साथ प्रशासन का सहयोग किया था। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए, ताकि कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रह सके।