

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे 169 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। डीएम ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करते हुए अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।


समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा कदम उठाया। एसीपी भुगतान में देरी के मामले में दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेयरी) के प्रबंधक के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



जनता दरबार में अवैध प्लाटिंग और सरकारी भूमि पर कब्जे से जुड़े मामले भी सामने आए। जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने और नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।


डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
समाधान दिवस में बुजुर्गों और महिलाओं से संबंधित समस्याओं पर जिलाधिकारी ने विशेष संवेदनशीलता दिखाई। घरेलू प्रताड़ना और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही से बचें।


समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में सक्रियता के साथ कार्य करते हुए लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

